#ModiWithAkshay LIVE: | Facebook

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#ModiWithAkshay LIVE: Bollywood actor Akshaykumar interviews PM Narendra Modi
उतार चढ़ाव उनकी जो कामयाबी है उनकी जो मेहनत है उसको लेकर ये बातचीत है तो ये दो हज़ार उन्नीस के रण को लेकर बिलकुल नहीं है ये भी हम आपको बता दे क्योंकि ये जो अंदाज़ आप देख रहे हैं ना ये जो body language आप इस interview में देख पा रहे हैं अभी जो झलकियाँ हम दिखा रहे हैं zee news पर उससे भी आपको अंदाजा हो गया होगा और हमें यकीन है की आप भी बीस नमस्ते जी नमस्कार कैसे हो यार बढ़िया आज मैं आपको बताऊँ कि मैं मुझे मौका मिला यहाँ हमारे प्रधानमंत्री के घर पे आने का और इनसे बातचीत करने का तो मैं कोई political questions नहीं लाया हूँ मुझे मुझे जानना है कि as a person as a human being एक इंसान के नाते हमारे प्रधानमंत्री है वो कैसे है क्या खाते हैं क्या बातचीत मतलब ah उनकी पूरी दिन में जो सब चीजें होती है मतलब politics को छोड़ के उसके बारे में मैं उनसे जानना चाहूँगा तो सबसे पहले sir आपका बहुत बहुत धन्यवाद करना चाहता हूँ कि आपने मौका दिया है आपसे बात करने का एक अच्छा लगा कि हम चौबीसों घंटे राजनीति की बातों में उलझे रहते हैं तो आपने हल्की फुल्की बातें और political बातें करने के लिए इच्छा जताई है मैं नहीं जानता हूँ दर्शकों को कितनी रोटी होगी लेकिन जरूर मैं खुल कर के बातें बताना पसंद करूँगा बहुत बहुत लोग बहुत कुछ जानना चाहेंगे आपके बारे में क्योंकि आपके personal मतलब जो life होती है कि जैसे की मैं आपको बताऊँ मेरे मेरा driver है उसकी बेटी उसने एक मैं उसको जो उसको पूछ रहा था कि ah बेटी तो अगर narendra modi जी को हमारे प्रधानमंत्री को कोई question पूछना चाहेगी तो क्या पूछना चाहेगी तो कमाल का सवाल उसने पूछा कि क्या हमारे प्रधानमंत्री आम खाते हैं ये अभी उसका question है कि आम खाते हैं और अगर खाते है तो क्या काट के खाते हैं या ऐसे गुटली के साथ खाते हैं मैं जो होते है ना wash basin के ऊपर खड़े होके गुटली के साथ आम खाना उस का मज़ा ही कुछ और होता है तो मैं जानना चाहूँगा कि आप आम खाते एक तो मैं खाता भी हूँ और हम खाना मुझे बहुत पसंद भी है और gujarat में आम रस की परंपरा भी है वो तो बहुत लेकिन जब मैं छोटा था तो वैसे तो कोई आम खरीदना वर्ना तो हमारे लिए कोई उस प्रकार की laxmi हमारे family थी नहीं लेकिन कभी खेतों में चले जाते थे तो हमारा देश का जो किसान है बड़ा उदार रहता है कोई खेत में आकर के खाता है तो कभी रुकता नहीं है चोरी करता है तो रोकता है तो आम के पेड़ पर जो पक्की हुई आँखें वो खाना हमें ज्यादा ज्यादा पसंद था यानी उतारने के बाद पकाया हुआ नहीं natural course में पका हुआ और फिर पूरा का पूरा अच्छा तब तो ये hijack किए कोई समझ भी नहीं थी कि धोना चाहिए दिखना करना कुछ नहीं समझते तो ऐसा ही अपना कर लेते थे लेकिन बाद में जिसे बढ़े तो कई variety के विषय में जाने लगे आम रस खाने के आदर लगी लेकिन दोनों मुझे control करना पड़ता है यहाँ से अभी फिलहाल control फ़िलहाल में मुझे सोचना पड़ता है कि इतना खाओगे narendra जी मैं आपसे ये पूछना चाहूँगा कि आपने कभी सोचा था कि आप प्रधानमंत्री बनेंगे कभी आपने सोचा था और सोचा भी था तो कौन से साल में कौन सी उम्र में आपने सोचा था कि मैं इस देश को चलाना चाहूंगा कभी ऐसा विचार नहीं आया और सामान्य लोगों के मन में बात गले नहीं उतरती शायद जो बन जाते हो सबके जीवन में ऐसा होगा मैं नहीं मानता हूँ कि कोई एक दिन family ही उसी प्रकार से background वाली हो और किसी के मन में इच्छा शक्ति हो तो बहुत स्वाभाविक है ना मेरा जो family background है उसमें तो अगर मुझे कही अच्छी सी नौकरी की भी मिल गयी होती तो शायद मेरी माँ अड़ोस पड़ोस के लोगों को गुल खिला देते हैं कि चलो भाई बेटे को वहाँ नौकरी मिल गई क्योंकि उससे ज्यादा हमने तो कुछ सोचा नहीं था गाँव के बाहर कुछ देखा नहीं था ये तो ये अच्छी यात्रा चल पड़ी और देश में ये लेता चला गया तो अपने आप इस बनते चले गए दोनों जिम्मेवारी आती गयी बहुत ही मतलब ah naturally रहा है इसमें वैसे मुझे मेरी दृष्टि से मैंने व्यक्ति के जीवन के दृष्टि से अन्य जगह लग रहा है क्योंकि मेरा background मेरी दुनिया आज की जो राजनीति का तौर पर गया उसमें ये सब बैठता ही नहीं थी मुझे भी आश्चर्य हो रहा है कि देश में जितना प्यार कैसे करता है और इतना सारा क्यूँ मुझे देता रहता है जहाँ तक मैंने पढ़ा है आप सन्यासी बनना चाहते थे या आप ah social या army में जाना ऐसा कुछ नही है ये सही है ये आपकी बात सही है बचपन में मेरा एक स्वभाव था किताबें पढ़ना library चला जाता था तो बड़े बड़े लोगों के जीवन पढ़ना ये शौक रहता था कभी फौज वाले uniform में निकलते थे तो मतलब बना देखता था कभी बच्चे की तरह खड़े हो करके salute कर देता था मन करता था इतने में nineteen sixty two का दौर हो गया तो हमारे यहाँ से दूर एक mehsana station है मेरे गाँव से तो वहाँ station पे हैं सब लोग जो फौज के लोग ट्रेनों में जाते थे उनका बड़ा सत्कार करते थे चाय वगैरह तो मैं भी चला जाता था जा करके मैं भी वो तो मुझे बड़ा मजा आता था तो मन पर हो गया कि हाँ ये देश के लिए जीने बनने वाला रास्ता है तो कभी उस दिशा में सोता था इतने में एक बार मैंने कही पढ़ा कि gujarat में कोई सैनिक school है उसमें आप दाखिल हो सकते हैं तो हमने हमारे उस समय साथ एक रूपए दो रूपए से उसका सारा जानकारियाँ मँगवाते थे अब हमें तो अंग्रेजी आती नहीं थी तो हमारे मोहल्ले में एक school के principal mister raj bihari maihar करके रहते थे तो मैं उनके पास चला गया मुझे कभी बड़े व्यक्ति से मिलने से कभी संकोच नहीं होता था ऐसे फिर चला गया अंदर बाहर ये बात सही है कि भीतर मन में था तो मैं ram krishna mission में चला गया एक स्वामी आत्म स्थान अर्जित हुआ करते थे अभी उनका करीब hundred year उम्र में अभी स्वर्गवास हुआ तो मैं cm बना दो मेरे घर उनको फिर बुलाया मैंने प्रधानमंत्री बना तो उनके यहाँ चला जाता था अभी कलकत्ते में अस्पताल में तो दो तीन बार वो आया था मैं तो वो बड़ा बहुत मुझे प्यार करते करते थे समझाते थे जिंदगी क्या है टिकना गया है ram को असंभव को समय रखते थे मुझे vivekanand जी जिस कमरे में रहते थे उसमे मुझे घंटों तक बैठने के लिए मौका देते थे हाँ तो ये सारे नए नए अनुभव होने लगे हमारे की दुनिया में चल पड़ा बहुत भटका बहुत कुछ घुमा दनिया देखी और ये सब अठारह बीस साल बाईस साल की उम्र में ही करता रहा मैं लेकिन कुछ confusion भी था कुछ देवी थे कोई guidance भी नहीं मिल रहा था लेकिन मन में सवाल खुद पैदा करता था जब आप खुद घूमता रहता था ऐसे भटकना भटकता भटक गया तो आपकी life को मैं अभी अभी आपकी बात मैं सुन रहा हूँ तो मुझे लगता है अगर आप प्रधानमंत्री नहीं होते हो तो जिस हिसाब से आप बता रहे हो तो सन्यासी ज्यादा लगती थी मतलब सन्यासी बन जाते थे अगर आप वैसे मैं क्या बनता है ये कहना भी कठिन लग रहा है क्योंकि जो सोचा नहीं बन गया वो तो हमेशा होता है मेरे साथ भी मैं भी आपको अगर एक किस्सा सुनाऊँ मैं तो मेरे साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है मैं क्या बनने वाला था मैं एक martial art का teacher बनना चाहता था कहा मैं फिल्मों में आ गया और filmon में आते आते hero बनेगा मैं आपसे क्या हमारे प्रधानमंत्री जी को मैं ये जानना चाहता हूँ गुस्सा आता है और मतलब क्योंकि देखिए सबको गुस्सा आता है i am sure आपको भी गुस्सा तो अगर आता भी है तो उस गुस्से में आप क्या करते वो गुस्सा निकालने के लिए किस पे निकालते हो और कैसे निकालते मेरे लिए ये ये कभी कोई कहेगा कि मुझे गुस्सा नहीं आता है तो बहुत लोग को surprise होता है आपको गुस्सा नहीं आता मैं बताता हूँ अच्छा surprise होता है इसलिए ये कहना कि राज्य नाराज़गी गुस्सा मनुष्य के स्वभाव के हिस्से हैं जिंदगी उसके बिना हो नहीं हर प्रकार की चीजें हर के अंदर होती है लेकिन जो मेरा अठारह बाईस साल की जिंदगी का जो एक बड़ा तबका था वहाँ जो मेरी training हुई उसमें ऐसी बातें थी जिनको हो सकता था कि आप sir आपके जीवन में स्वभाव में ईश्वर ने सब दिया है अब आपको तय करना हैं कि जो अच्छी चीज है उसको बल देते हुए कैसे बढ़ना तो फिर ये चीजें है जो negativity लाती है वो रूकती है मैं कह सकता हूँ कि मैं इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा इतने समय तक प्रधानमंत्री रहा लेकिन चपरासी से लेकर के principle secretary तक मुझे कभी गुस्सा व्यक्त करने का अवसर नहीं आया कभी नहीं आया क्योंकि मैं आपको बताऊँ बाहर जो आपकी छवि है वो एक बहुत ही strict administrator के नाम पे street अलग चीज है मैं strike हो discipline हूँ लेकिन मैं किसी को नीचा दिखा करके अपमानित करके काम नहीं करता मैं उसको प्रेरित करता हूँ कभी कोई चीज है मैं खुद helping hand के रूप में खड़ा हो जाता हूँ मान लीजिए कोई draft लेकर के आया तो एक तरीका होता है भाई क्या ले आया हूँ दूसरा होता है वाह ऐसा करे ये अपन करे तो कैसा रहेगा आपको क्या लगता है ये करे तो कैसा होगा तो क्या होता मेरी दस minute पहले invest हो जाती है लेकिन वो मुझे समझ पाता है अगली बार जब वो आता है तो मुझे मेरा समय नहीं जाता वो मेरी कल्पना के अनुसार चीज लेकर के आ जाता है तो एक प्रकार से मैं कोई लेके आता है तो उसमें से शिक्षा भी हूँ और सिखाता भी हो और मैं अपनी team बनाता चल जाता हो तो मेरे pressure है stress है वो नीचे नीचे नीचे divide होते चले जाते हैं तो मेरे पास कोई बच्चा ही नहीं है तो मतलब आपको गुस्सा इतना गुस्सा नहीं आता ना अंदर तो होता होगा मैं व्यक्त तो करने से अपने आपको बहुत रोक रोक लेते हुए होता क्या है जी कभी मानलो एक meeting में अपना गुस्सा कर दिया गुस्सा कर दिया तो meeting का agenda वगैरह सब छूट जाता है हर एक के मन को वो दो तीन minute की समय रहता है वही छाया रहता है वो बहुत नुकसान तो मैं जब जैसे मुझे गुस्सा आता है तो मैं आपको बताऊँ गुस्सा एक निकालना बहुत अच्छी बात है मैं छोटा मुँह और बड़ी बात मैं आपसे बहुत छोटा हूँ और मैं कहूँगा कि आप गुस्से को जो है अंदर ना रखे उसे निकाले जैसे मैं निकालता हूँ क्या करता हूँ एक boxing back घर पे रखा हुआ है जितना हो सकता है सुबह साढ़े चार पाँच बजे मार लेता हूँ और अपना गुस्सा निकाल लेता हूँ और फिर थक हार के बस या कभी समंदर किनारे चला जाता हूँ और जोर से चीखता हूँ कोई भी नहीं होता नहीं इसके लिए connect करेगी अच्छा मन की स्थिति के लिए okay एक तो होता है चेहरे पर body पे गुस्सा आना और शब्दों में व्यक्त होना जी दूसरा होता है आपके emotions को मैं एक अपने अंदर एक चीज develop की थी ऐसी कोई घटना है जो मुझे पसंद नहीं आयी है और मेरा मन करता है कि ऐसा क्यों हुआ कभी उठता था मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ कभी होता था मैंने ऐसा क्यों किया मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था और कभी ego बिच में आता है तो मैं व्यक्त भी नहीं करता हूँ भाई i am sorry मेरे से गलती हो गयी हाँ मनुष्य है तो मैं क्या करता था अकेला कागज लेकर बैठता था वो सारी घटना का वर्णन लिखता था कैसे हुआ क्या हुआ और मैंने क्या किया क्योंकि आँख खुद ही और उसमें justify करने की कोशिश नहीं करता था फिर उसको मैं फाड़ के फेंक देता पड़ता भी नहीं था दोबारा फिर भी मेरा मन शांत नहीं होता था पूरी कसार दुबारा लिखता था तीन पे चार पेट पाँच उसमें उस सारे घटनाक्रम को डाल के पूरे पे लगे थे फिर से एक बार जीवंत कर देता था हाँ इससे क्या होता था कि वो चीजें मेरी emotions है उस कागज के अंदर आ करके भी वो जल जाती थी तो मैं एक प्रकार से फिर उसके उस प्रक्रिया के दरमियान जो पहले मुझे लगता था मैं सच हूँ दो तीन बार लिखते के बाद मुझे लगता है नहीं ये गलत है message नहीं था मैं ही गलत था ये मैं identify कर लेता हूँ उसमें से तो मतलब ये आपका तरीका है हाँ भैया आपका आपकी अब वो नहीं रहा इतना समय नहीं है अच्छा यानी मैंने अपने आपको trend उस प्रकार से किया था इतना बड़ा आपका घर है जैसे मैं अपने पे अपनी माँ के साथ रहता हूँ आपका मन करता है sir आपकी माँ आपके भाई आपके सारे जितने भी रिश्तेदार हैं आपके साथ घर पे रहे पहला है कि अगर मैं pm बन करके घर से निकला होता तो तो स्वाभाविक रूप से मेरा मन रहता है कि भई सब वही रहे मैं जिंदगी की बहुत छोटी आयु में सबको छोड़ चूका हूँ बहुत छोटी आयु में मनी कदम माँ बहुत छोटी आयु में छोड़ दिया छोड़ दिया उसके कारण वो जिंदगी ऐसी थी जो totally detach बन गयी और इसलिए जिसको कहे लगाओ मोह माया क्योंकि मेरी वो जो जिंदगी में जो घर छोड़कर के निकल गया था वो जो training हुई वो उस प्रकार की हुई और उसके कारण एक अवस्था के बाद छोड़ना है तो मुश्किल जाता है उस समय जब छोड़ा तब तकलीफ हुई होगी लेकिन अब ज़िन्दगी वो बन गयी लेकिन फिर भी कभी माँ को बुला लिया था मैंने कुछ दिन उनके साथ बिताए थे मैंने पर फिर भी जैसे मेरी माँ मुझे कहता है भाई तुम मेरे पीछे क्यों खराब खराब करते रहो मैं यहाँ का करोगे तुम्हारे साथ रह के मैं अपना चली जाती हूँ अपने पुराने गाँव के जो लोग हैं कभी मिलने आते तो बातें होती है अपनी बातें होती तुम्हारे साथ मैं क्या बात करूँ तो स्वाभाविक है किसी का मन मेरे साथ नहीं लगेगा तीसरा मैं भी समय नहीं देता जितने दिन माँ यहाँ रही मैं अपनी schedule में ही लगा रहता था तो एकाद बार साथ में खाना खा लेता था कि bjp कोई pain होता था कि मैं रात को बारह बजे आता हूँ तो माँ को दुख हो रहा है कि क्या कर रहा है हाँ हाँ मुझे भी याद है मैं आपसे जब पहली बार आपसे जब मैं मिला था तो मैं gujarat में आपसे पहली बार मिला था जब आप ah वहाँ cm थे तो उस वक्त एक या दो ah मतलब मैंने आपको एक दो चुटकुले सुनाए थे और आपने भी मुझे एक चुटकुला सुनाया था तो मैं ये जानना चाहता हूँ कि आपका humor अब प्रधानमंत्री बनने के बाद intact है आप मेरे मेरे परिवार में मेरी एक विश्वभर जैसा आपको पता आपकी छवि बहुत strict आप मतलब मैंने आपके जो जो काम करते हैं कई लोगों से ऐसी बातचीत करते हो वो बाजे यार बड़ा काम करवाते है तो वो जो एक vote strict administrator extract headmaster ऐसा लगता है मतलब हाथ में छड़ी होगी उठके तो अभी भी आपका human ah एक बात है ये जो छवि बनाई गयी वो सही नहीं है अच्छा वो अलग बात सही नहीं है और कोई ये कहता है कि मैं काम करवाता हूँ शायद वो सही रूप में analysis नहीं कर रहे जी वो ये कहाँ काम बहुत करना पड़ता है उसमें सच्चाई है okay लेकिन मैं किसी को दबाव नहीं करता हूँ लेकिन वो जब खुद मुझको देखते हैं पहले जैसे office से आम तौर पे प्रधानमंत्री छह सात बजे निकल जाते थे दोपहर में भी एक दो घंटे वो office में नहीं रहते थे भाई सुबह से जाता हूँ देर रात तक वार्ता हो तो वो भी देखते हैं कि भाई ये खुद मेहनत करते है तो उनको लगता है कि ये कोई हमसे मजदूरी नहीं करवाते वो खुद बैठते हैं कोई काम है तो रात को ग्यारह बजे phone करूँगा अरे भाई उसका क्या हुआ तुमको लगता है ये अभी भी काम कर रहा है तो एक प्रकार से team का spirit बन जाता है एक एक work culture आप develop करते हैं मेरे आस पास भी एक work culture develop होता है और वो मैं खुद काम करता रहता है उसके कारण होता है strictness discipline थोपने से नहीं आती क्योंकि मैं जिंदगी मैंने human resource development में ही अपनी जिंदगी का पाई है आप लोगों को अच्छा झूठ बोल के प्रश्न भी नहीं कर सकते वो लंबे अरसे तक वो सब देखते हैं आपको या बात ऐसी करते हो करते ऐसे हो तो आप जैसे है वैसे रहो और उनसे काम करिए हाँ मैं काम के समय काम में रहता हूँ इसलिए इधर उधर की बातें समय खराब नहीं करता हुआ दूसरा मान लीजिए मैं meeting कर रहा हूँ और कोई mobile phone अपना समय बिगाड़ रहा है तो मैं फिर उनकी तरफ ऐसा बताइए अभी मैं जो विचार कह रहा था क्या हुआ उनका ध्यान नहीं था तो उनको लगता था mobile phone में मैं twitter देख रहा था तो तबसे मेरी meeting में समझ लो नहीं जाना चाहिए मैं किस से भी मिलता हूँ कोई भी व्यक्ति आएगा मेरा कभी बीच में phone नहीं आता मैं किसी को नहीं मानता हूँ मैं भी आपसे दो तीन बार मिला हूँ आपने मतलब it is a तो ये मैंने discipline खुद के जीवन बनाया तो सामने वाले को लगता है कि यार ये totally मेरे लिए dedicated time था इन्होंने कोई उपयोग नहीं किया इन चीजों का एक प्रभाव पैदा होता है जहाँ तक humor का सवाल है मेरे परिवार में हमेशा एक कल्पना थी कभी पिताजी राजी नाराजगी हुए हो कभी छोटी मोटी हो तो हमेशा मैं पूरे माहौल को एक आधे minute में हल्का कर देता था ये मेरा एक था आज भी जो करने का मज़ा आता है शब्दों से खेलना वगैरह पर अब क्या हो गया है जी हर चीज के अलग अलग अर्थ निकाले जाते हैं आधा अधूरा वाक्य उठा करके उछाल दिया जाता है तो अब डर लगता है कि career that's where it कहीं कहीं जा करके इरादा वो नहीं होता है हँसी मजाक कहावत सब होना चाहिए लेकिन अब दुरुपयोग हो जाता है तो डर आज ये social media की वजह से लोग कोई भी शब्द कोई भी उल्टा सीधा करवा सके media के बजाय trp वाले परेशानी करते हैं तो आप जरा अपना umar को बचाके रखते हो लेकिन अपने दोस्तों के साथ आपकी जो दो हाँ वो तो ऐसे ही चलता है जी मेरे cabinet meeting का break होता है तो मेरे जो junior officer है वैसे वो बेचारे संकोच करते हैं क्योंकि उनके लिए pm जो एक बना हुआ है दुनिया में वो तो बड़ा अलग है मैंने वो आना रखा नहीं है मैं दोस्ताना करता हूँ तो मैं उनको चुटकुले सुना करते o positive party में आप के कोई दोस्त है बहुत दोस्त है बहुत अच्छे से तो आप अभी भी उनके साथ कभी चाय पीना बहुत अच्छे दोस्त हैं हम लोग साल में एक दो बार साथ खाना भी खाते हैं अच्छा हाँ अब बेकार वो formal होता है क्या हम तो camera में देख के हम media के साथ media जो दिखाती है हम तो वही देखते है हम को तो पता है एक बहुत पहले की बात है तब तो मैं मुख्यमंत्री भी नहीं था नहीं किसी काम से मैं parliament गया था और ghulam nabi azad और मैं बड़े दोस्ताना अंदाज में गप्पे मार रहे थे पर हम बाहर निकलते थे media वालों ने पूछा कह रहे आप लोग इससे के दो सौ बार में हूँ तुम तो बोले है rss वाले हो एक पुतला से तुम्हारी दोस्ती कैसे हाँ तो फिर गुलाब ने बहुत अच्छा जवाब दिया हम दोनों खड़े थे उधर देखो भाई बाहर जो आप लोग सोचते हो ऐसा नहीं है शायद एक family के रूप में हम लोग जितने जुड़े हुए हैं सभी दल के लोग वो शायद बाहर कल्पना नहीं कर सकते आपको हैरानी होगी और वैसे मैं ये बोलूँगा तो चुनाव में मेरा नुकसान भी हो सकता है लेकिन ये mamata दीदी हाँ साल में आज भी मुझे एक दो कुर्ते को खुद select करने जाती हैं और मेरे एक दो कुर्ते व्यक्ति है अच्छा this something very good to know about sir बच्चा oh मिठाई भी bangladesh जो प्रधानमंत्री है श्री krishana जी तो मेरा दौरा हुआ था वो तो ऐसे ही बंगाली मिठाइयों की चर्चा चली तो आज दिवस साल में तीन चार बार कोई न कोई बंगाली नयी मिठाई होगी तो specially dhaka से मुझे बहती थी अच्छा खासा specially बड़ा आग्रह करके तो mamta दीदी को पता चला तो वो भी साल में एक दो बार मेरे लिए कुछ ना कुछ bangali मिठाई जो सुर भेज देती है जी मैं आपसे एक बात जानना चाहूँगा मैंने ये है ah जब मैं पिछली बारी ah i think पिछले साल मैंने ये सुना था कि जब आप ah gujarat से gujarat के cm से आप निकल के आप prime minister बने थे तो आपकी जो जमापूँजी थी आपके bank में करीबन इक्कीस लाख रुपए थे और वो इक्कीस लाख आपने अपने staff की बच्चियों के नाम पे fd या उनको बाँट दिए थे तो आज मैं जानना चाहूँगा ah आप ने भी जवाब दे सकते है आज आपका bank balance कितना एक तो ये बुरी बात है अच्छा दे दूर इसलिए है कि जब मैं gujarat से cm के रूप में निकला वैसे मैं मेरा कोई back account नहीं था cm बनने के बाद mla बना तो मेरा तनखा आना शुरू हो गए आपके bank account नहीं उसके पहले नहीं था अच्छा हाँ एक बचपन में निकाला था तो वो भी एक बड़ी लंबी तथा है मेरे school में मेरे गाँव में dena bank का branch खोला तो school के अंदर वो देना bank के लोग आए थे उन्होंने सब एक लड़ते थे कुल गुल्लक दिया अब बच्चों को गायब हो इसमें आपको पैसा निकालना है और हर महीने bank में जमा कराना आपके नाम से पैसा जमा होगा तो हमने भी bank account उसमें खुलवा दिया अब हमारे gulab घुस आया ही नहीं अच्छा आने वाला कोई था ही नहीं तो क्या आएगा तो हम तो कभी पैसा जमा नहीं कराया आप गाँव छोड़ के चले गए हम bank में हमारा account बना रहा तो उनको हर साल वो तेरी forward करना पड़ता है वो वाली party करनी पड़ती थी वो मुझे ढूंढते रहते थे इसका back account बंद कर ना इसको बुलाएगा से hmm तो sir तीस बत्तीस साल तक वो बना रहा और उनको कहीं पता चला बाद में कि मैं politics में हूँ तो bank वाले मेरे पास आए बोले साहब द्वारा signature कर दीजिए आपको एक बचपन का bank account पड़ा हुआ है उनको बंद करना है अच्छा तो मेरी bank account से दुनिया ये रही लेकिन जब मैं cm बना mla बना तो फिर जो वेतन मिलता है वो आना शुरू हो गया तब bank account खुल गए मैंने तो कभी वो देखा नहीं है मेरा staff देखता था जब मैं निकला वहाँ से तो मैंने हमारे अफसरों को बुलाया मैंने कभी बैठा तो है नहीं पहले ले जाके था करूँगा मुझे तो कोई उपयोग है नहीं दे देना चाहता हूँ तो उन्होंने कहा भाई ऐसा मत कीजिए मैंने अभी मैं करूँगा क्या इसलिए जाकर तो खैर अफसर लोग मेरी इज्जत करते थे ज्यादा बहस लेके चले गए शाम को एक senior officer को लेकर के आए मिलने के लिए फिर उन सबने तीन तीन लोग थे ये समझाया बोले दीजिए ठीक है आपको जरुरत नहीं पड़ेगी आपके ऊपर इतने court cases चल रहे हैं gujarat में वकील भी इतने महंगे हो गए है आपको कभी पैसों की जरूरत पड़ेगी अब पद पर तो कब्र होकर कितना रहोगे आप और बाद में कोई नहीं देगा आपको तो हमारी प्रार्थना है कि वे ऐसा मत कीजिये तो मानेगा क्या करू बोले ठीक है आपकी इच्छा है तो कुछ हिस्सा दीजिए तो उसमें से मैंने फिर इक्कीस लाख रूपया दिया अच्छा उसमें से कहा मेरे अपने जेब से दे दिया और मैंने कहा कि ये जो हमारा secretariat है उसमें जो driver है tune उनकी खास करके बच्चियाँ उनको ये शिक्षा दीक्षा के कार्य करना तभी वो foundations है बनाया हुआ है gujarat सरकार ने और उस वजह से वो मदद कर भी रहे है फिर वहाँ मुझे सरकार के तरफ से mla को एक plot मिलता है पैसों से मिलता है लेकिन कल कैसे वो plot मिला तो मैंने party को कहा भी ये लेना आप मैं आपको दे देना चाहा तो मुझे कुछ ये नहीं तो मेरी वो प्रक्रिया चल रही थी फिर पता चला वो मामला तो कही supreme court में लटका पड़ा है शायद वो जमीन किसी को दे नहीं सकते इस प्रकार का कुछ मुझे पूरा मालूम नहीं क्योंकि मैं इतनी चौवन रुचि नहीं लेता लेकिन जब भी वो clear हो जाएगा मैंने वो भी party को देना तय किया हुआ है सब सच में gujarati है ना क्योंकि gujarati जो होते हैं वो पैसों के लिए बहुत सही रहते हैं मतलब मैं नहीं मानता कि मतलब आपने अपना plot दे दिया आपने पैसे दे दिए तो आप क्योंकि मैं आपको अगर आप इजाजत दें तो मैं एक छोटासा चुटकुला सुनाना चाहता हूँ जी जी जी एक ah gujarat आदमी था बुजुर्ग आदमी था वो मर रहा था तो वो कहता है ah मेरी gujarati जो इतनी ठीक नहीं ले वो कहता है कि ah marodia crow क्या छह मतलब मेरा बेटा तो बेटा अगर डरी हुई आँसू हमारी degree के यहाँ से ready हो भैया आँसू मेरी बीवी का मैं भी यहाँ हूँ आप तीनों यहाँ तो दुकान पे कौन है तो सारे के सारे इधर ही आ गए हो मेरी दुकान पे कोई नहीं मैं मानने को तैयार नहीं हूँ क्योंकि मैंने देखा है gujarat मेरे बहुत सारे gujarati दोस्तों gujarati जो होते हैं वो अपने पैसों को बहुत सही संभाल के रखते हैं वो अपने पैसों से दूर नहीं रह सकते मैं आपको एक चुटकुला सुना दो thank you sir ये बहुत बड़ी हमारी चुटकुला चलता है के एक बार pritampur train आयी railway train में हाँ तो ऊपर ही birth पे कोई passenger सोया हुआ था उसने जगह station आया तो उसने खिड़की में आवाज़ लगा के बाहर किसी को पूछा कि कौनसा station आया तो उसने कहा चार आना दोगे तो जवाब दूंगा तो पहले जवाब की जरूर नहीं है hyderabad होगा बिलकुल तो ये ये बिलकुल बात सही है पर और एक बताना चाहता हूँ ये किसीकी आलोचना करने के लिए नहीं है लेकिन कोई भी अर्थ निकाल सकता है और ये सत्य घटना में से बना हुआ चुटकुला है बहुत साल पहले वैसे मेरी जिंदगी ऐसी थी ये half sleeve का कुर्ता और पैजामा जूते और ठेला यही मैं railway में भटकता रहता था और दाढ़ी रहती थी तो मैं pune station पे उतरा अच्छा और मेरे पास ज्यादा सामान था नहीं मेरा एक वो जो लाते है एक अखबार देहात में तो मैं पैदल चला जा रहा था मुझे pune में rss दफ्तर में जाना था तो मैं पैदल ही जाना था तो एक auto rickshaw वाला धीरे धीरे धीरे धीरे साथ चलता था फिर करीब सौ दो सौ meter गया होगा और उसने मेरा ध्यान गया मैं कही ऐसे कैसे चलाना है वो slowly मेरी speed से मैंने कहा भाई आपकी automation खराबी क्या problem है आपका तो चौदह साहब आप नहीं बैठोगे मृतक क्यों मैं तो जा रहा हूँ तो बोले आप समाजवादी हैं मैं कहा नहीं मैं दवा देखो ना हाँ तो लगा क्यों samajwadi का ये बोलिए समाजवादी लोग बोले हमारे pune के समाजवादी जो लोग हैं वो station में public के सामने auto rickshaw भी बैठते हैं दूर जाके गुपचुप बैठ जाते हैं ऐसा क्यों लोगों को impression रहे की वो मेहनत करते है साध्वी वाले हैं okay तो बोले मुझे भी लगा शायद आप samajwadi है तो औरों की तरह आपकी थोड़ी देर के बाद बैठ जाओगे हाँ तो बोले इतने में चल रहा था तो जब उसने मुझे punjab samajwadi द्वारा तुरंत जवाब था मैं हम दवाई एक थोड़ा चलते चलते बात करे आपसे आपसे मैं पूछना चाहता हूँ कि अगर आपको कभी एक aladdin का चिराग मिल जाए और ah जिन कहे कि आपके तीन wishes है तो वो आपके तीन wishes क्या होंगे देखिए alauddin जरा मुझे मिल जाए और सर जमीन में उसके पास ताकत होगी जी तो मैं उनसे कहूँगा कि तुम जितने भी ये समाजशास्त्र ही है या जो educational list हो उनके माँग भर दो के भावी पीढ़ी को ये alauddin chirag वाली कथा सुनाना बंद करें कि ऐसा कोई alauddin होता है और इच्छाएं पूरी करता है मैंने कहा उसको मेहनत करना सिखाओ मैं कभी expect नहीं कर रहा था अब ये जवाब दोगे मुझे लगा आपको ये तीन wishes आप सोचोगे कि क्या है तीन wishes लेकिन ये ये एक बहुत ही सही तरीका है ah आलस बना जो होता है वो यही चीज़ों से आता है यार i wish मुझे ये मिल जाए बैठे बैठे मिल जाए तो ये जो आपने जो किया हुआ है ये जो कहा बिलकुल सही कहा हुआ है ये मुल्क I gotta go हम लोगों की एक meeting थी ah inner circle की atal जी थे advani जी थे राजमाता scindia जी थी जी sikandar bhat साहब थे pramod mahajan भी थे और उसमें सबसे छोटी आयु में रहता था तो बाते चली कुछ बस ऐसे ही एक meeting शुरू होना बाकी था ऐसे गप्पे चल पड़े hmm क्योंकि retirement के बाद क्या करेंगे तो सब ने कुछ बताया pramod mahajan इसको बड़ा लोगों को खुद करके निकालते थे अच्छा pramod जी की व्यक्तित्व की विशेषता थी उनका जीवन बड़ा विविधताओं से भरा था अनेक प्रकार की activity से वो अपने आपको जोड़े रखते थे मुझे पूछा मैंने कहा कि मेरे लिए तो बड़ा कठिन है क्योंकि मुझे कुछ नहीं आता है मैंने कभी इस सारे चीजों में सोचा ही नहीं मैंने जब जो जिम्मेवारी मिले उसीको जिनकी माना है जिम्मेवारी मेरी जिंदगी है और इसलिए मुझे कल्पना ही नहीं होती है कि हमारे ah इसमें जो समय बिताने की कुछ करना पड़ेगा मुझे अपने आपको engaged रखने के लिए कुछ करना पड़ेगा और इसलिए मैं कभी नहीं मेरे मन में विचार आया और ना ही मैं सोचता हूँ और मुझे पक्का लगता है शरीर का कण कण और जीवन का पल पल किसी ना किसी mission नहीं कर पाउँगा ये आदमी सोचेंगे ये शायद सोचना नहीं है जी मेरी मेरे पास कुछ मुझे पूरा कौशल ही नहीं है मैं जिस हिसाब से आप बताते हो कि मुझे लगता है आप ज़िंदगी में मतलब जब cm से यहाँ जब pm बने थे तो मैं ये जानना चाहूँगा कि सबसे valuable चीज़ आप क्या ले के आए थे यहाँ इस घर के अंदर इस घर के अंदर सबसे valuable चीज़ आपकी क्या रही थी अगर मैं वैसे ये पूरी बातचीत आपने पहले ही मुझे कहा कि भाई मैं तो कोई राजनीति की चर्चा करना नहीं चाहता हूँ लेकिन कुछ मात्रा में मैं ये कह सकता हूँ कि प्रधानमंत्री बनते समय शायद और प्रधान मंत्रियों को ये benefit नहीं मिला है जो मुझे मिला है वो ये है कि मैं लंबे अरसे तक मुख्यमंत्री रह के आया हूँ hmm और मैं gujarat का longest serving chief minister था chief minister होने के नाते आपको बारीकियों से जोड़ना पड़ता हैं बारीकियों से काम करना पड़ता है आपको issue आपके सामने चीजे आते है solution आपको सीधा करना पड़ता है ये तजुर्बा शायद मेरे पहले किसी प्रधानमंत्री को हम इतना सब भाग्य नहीं मिला deve gowda साहब मुख्यमंत्री थे लेकिन बहुत अल्प काल के लिए मैं बहुत लंबा रहा हो मैं समझता हूँ कि इसने मुझे देश की सेवा करने के लिए बहुत बड़ी संभल दिया बहुत बड़ी ताकत दी है ये मैं अपना एक मान सकता हूँ कि वहाँ से मैं लेकर के आया ये जो देश के काम आ रहा है अब जैसे मैं जानता हूँ जैसे मैं आपके ah एक star staff members से भी बात कर रहा था अब तीन या साढ़े तीन घंटे सोते मतलब सात घंटे सोना एक अमूमन एक शरीर को चाहिए चाहिए आप साढ़े तीन घंटे इस वक्त ये बात ये बात आपकी सही है मेरे जो जितने मेरे साथी है ah मेरे जानने वाले लोग हैं जहाँ हमारे जो अब सरकार में आया हूँ तो doctor भी रहते हैं उन सबका मेरे से एक ही आग्रह रहता है कि मेरी नींद में बढ़ाई राष्ट्रपति obama जब मुझे मिले तो वो भी सबसे पहले मेरे से इसी के में उलझ गए दीजिए क्यों ऐसा करते हो मैं हम दोनों अच्छे दोस्त हैं जी तू तारीख करके बुलाते है एक दूसरे को तू ऐसा क्यों करता है ये तुझे आज पता नहीं है ये तेरा नशा है काम का तुम करते रहोगे लेकिन तुमने बहुत तुम अपना नुकसान कर रहे हैं और वो जब भी मिलते हैं कि तुम मेरी बात मानते हैं उन्हें मानता हूँ कोई नींद बढ़ाई की नहीं बढ़ाई अब पता नहीं मरा एक body cycle ऐसा हो गया है मतलब आपको नींद आती नहीं है साढ़े तीन चार घंटे के लिए नहीं नींद जो है मेरी इतने कम समय में पूरी हो जाती है stress की वजह से तो उठ नहीं जाते हो कि मुझे कहा मैंने नहीं नहीं नहीं नहीं मैं इतना इतना normally देखा है आपने कोई भी व्यक्ति उठता है तो हाथ पैर इधर उधर करता है आँखे ऐसे करता है मेरा कुछ नहीं आँख खुलती है friction of second मेरा पैर जमीन पे होता है लोग जाता हूँ इसके ऊपर पता मैंने बिस्तर पे उठता है वैसा नहीं बिस्तर से भी बाहर होता हूँ मैं अब ये हो सकता है वो मेरी जो अठारह बाईस साल के कालखंड में जिस जिंदगी को मैं जी रहा था उसमें से ابو يرام من شديدة بتاع لك كم من جميل هما اللي بين المدير يجو قام اظهر عنهم ضيف मैं बहुत ही फिर वही कहूँगा मैं ऐसी कठिन जिंदगी जी करके आया हूँ तो doctor क्या होता है ये महंगी दवाइयाँ क्या होती है sophisticated क्या होता है वो सब आप आयुर्वेदिक भी बहुत विश्वास करना बताता आयुर्वेद के बजाय कैसी ज़िंदगी है अब आप जो पहाड़ चढ़ते है तो पैर तो दर करते ही हैं कितनी आदि हो लेकिन ऊँचाइयों पर जाते हो तो अब जो अकेला इंसान है वो क्या करेगा माननीय वाले को तो कुछ नहीं करना भी नहीं करा सकता massage नहीं करवा सकता अब मैं क्या करता था ये मेरे कंधे पे हमेशा एक की जो assam का गमछा होता है ना एक दम से मेरे पास रहता था ऐसा तो मैं जैसे उसको ऐसे पैर पे बाँध देता था पूरा और बीच में एक छोटी लकड़ी तोड़कर के पैर से लगा देता था फिर इसको मैं करता था अच्छा तो pressure रहता था ऐसा पूरे body को मैं अपना मज़ाक खुद ऐसा तरीका रखता था तो ऐसी चीजों में involve करता था अपने लिए मैं बहुत साल पहले kailash यात्रा पे गया था पैदल total यात्रा करीब thousand kilometer का था पैदल गया कुछ और भी लोग थे बड़े धनी लोग भी वहाँ कभी यात्रा में आते थे अब बहुत बड़े बड़े महंगे वो चमड़ी बचाने के लिए सब ले करके आए हुए थे बात तो कुत्ता मेरे पास castor oil था और वो भी row सीधा वो ghani से निकाला हुआ तो उसकी smell भी बहुत खराब होती है तो मैं उसी को लगता था अब ये लोग पाँचवे छठे दिन मुँह नहीं जो सतर्क है इनकी चमड़ी जल करके निकल करके लटक गई थी तो वो बड़े परेशान रहते थे और मुझे कुछ तला रहता था तो मुझे पूछेंगे आप क्या करते अगर castor oil भी लगाते हुए तो रात को हम जब पहाड़ चढ़ करके रात्रि मुकाम उतार रहे मेरे पास आ जाते थे हर कोई एक एक बूंद castrol से ले जाता जुकाम होता है देखो मैं गरम पानी पूरा समय पीता हूँ गर्म पानी जन्म पाया उसमें कोई शहद या कुछ कुछ नहीं कुछ simple गरम पानी दूसरा हो सके तो fasting करता हूँ अच्छा fasting एकदम से सिवाय पानी कुछ नहीं एक दो दिन चौबीस घंटे अड़तालीस घंटे से ज्यादा नहीं करना पड़ता तीसरा ये सरसों का तेल होता है उसको थोड़ा गरम करके थोड़ा गरम करके रात को दो तीन बूंद दाल देता हूँ जलन बहुत होती है लेकिन ये मेरा एक दो दिन में clear कर देता है तो ऐसे ही जीने की आदत है ah मैं कुछ चीजे करता हूँ वो मैं चाहूँगा पूछना चाहूँगा आपसे मैं एक महीने चीज follow की है ah जिसको कहते हैं कि ah सात बारह पांच into चालीस यानी सात बजे मैं breakfast कर लेता हूँ बारह बजे मैं अपना lunch खा लेता हूँ और पांच बजे dinner खा लेता हूँ और into चालीस यानी की जब भी एक गुस्सा खाता हूँ उसे चालीस बार चबाना है तो ये मैंने अपने शास्त्रों में पड़ा है कई लोगों से बात किए तो आप इससे सहमत हैं बिलकुल सहना तो और ये बिलकुल सही रास्ता आपने चुनाव हुआ है हमारे देश में मूल आदत यही है ये western जो world आया उसने भी धीरे धीरे इसमें ये ये बदलाव किया कि लोग वरना हमारा किसान आज भी गाँव में सूर्यास्त के पहले मैंने लेता नहीं सूर्यास्त के पहल है thank you खाना खा लेता है और दिन में भी आपने देखा होगा किसान सुबह एक प्रकार से वो किसको आप नाश्ता कहते लेकिन actually उसका वो lunch जैसा ही होता है वो काफी मात्रा में बड़े बड़े रोटी और सब्जी या चटनी कुछ ले करके खेत चला गया दिन में से लेकर के उसकी पत्नी सर पे कुछ रख करके जाती है वो पूरा भोजन नहीं होता हाँ थोड़ा होता है कि आज भी हमारे देश में ये परंपरा है ये आपका एक fashion statement बहुत बढ़िया है मतलब दाढ़ी वाड़ी एकदम सही किया हुआ और मतलब कभी मैं देखता हूँ आप खास ली कुर्ता पहनते हैं ज्यादा करके आपसी कुर्ता पहनते हैं तो ये जो passion ये जो है जो आपके जो ah shaving और ये सब ah क्या ये मतलब fashion जो है ये आपने खुद ने किया है ये आपने किसने आपने बहुत अच्छा सवाल पूछा जैसे मैं boss खूब गुस्सा करता हूँ ये जो एक छवि बनाई गई है वैसे दूसरी छवि मेरे मेरे इन कपड़ों की दुनिया को लेकर बनाई गयी है दरअसल क्या है मैं छोटी bag में मेरी जिंदगी थी और मैं traveling करता रहता था जी अभी बताया और तो मैं देखता था कि एक तो मैं कपड़े खुद सोता था cm बना तब तक मैं कपड़े खुदवाया हूँ okay कभी मैंने कपड़े तो फिर मैंने किसी सोचा की लंबी बाएं देखता हूँ तो मुझे इतना ज्यादा धोना पड़ता है दूसरा दूसरा मेरे bag में वो जगह ज्यादा लेता है तो मैंने खुद ही काट दिया था अच्छा वो जगह ज्यादा ले दे इसलिए आपने उसको मैंने काट दिया था okay हाँ वो बात accept भरके ये बस यही है कि मैं ढंग से रहना ये मेरी प्रकृति थी शायद एक कारण ये भी था कि गरीबी के कारण कभी कभी infinity fail होती थी लोगों के बीच में तो उसको overcome करने के लिए शायद psychology पड़ी होगी बचपन में ऐसा मुझे लगता है कि मैं क्या करता था अब हमारे घर में वो press करने के लिए कुछ था नहीं तो मैं ये बर्तन का जो लोटा रहता है उसमें कोयला भर देता था गरम कोयला और उसी से कपड़ों को press करता था आप पहन के जाता था लेकिन जूते नहीं थे तो मेरे मामा एक दिन आए इनका घर पे उनका मन कर गया तो उन्होंने मेरे लिए जूते ला दिया तो एक canvas के सफेद जुदा है ना जी हाँ छोटे सब साधू समय तो आठ दस रूपए मिलते होंगे वो ले आए लेकिन मैंने देना थोड़े दिन में तो गंदे होना शुरू हो गए मैं क्या करता था classroom में सब बच्चे चले जाते थे मैं रुका रहता था और teacher जो black board पे लिखता है ना तो बाद में जो छोटा चौक का टुकड़ा दिया जाता है वैसे ही फेंक देता है हाँ हाँ हाँ हाँ तो मैं उसको इकट्ठा करता था वो चौथी की टुकड़ी वो ले आता था और हर दिन सुबह choksi एक जूतों पर लगा देता था हाँ समझिये और daily ये कई बार आपसे मिला हूँ आप घड़ी जो है वो अभी तो आपने सही पहनी है लेकिन घड़ी आप ज्यादा करके ऐसे पहनते हो गाड़ी में से ही क्योंकि मुझे मीटिंगों में बैठना पड़ता है ना हाँ तो मैं नहीं चाहता हूँ किसी को पता चले कि मैं ऐसे घड़ी देख रहा हूँ उसको insult fit हो पाएगी अच्छा तो मैं उसके सम्मान के लिए हमेशा conscious रहता हूँ कि ऐसे चोरी छुपे से गाड़ी देख लेता हूँ आप कोई बैठना है बात कर रहे है वो घड़ी देखते हैं तो मतलब कि आप इसको इशारा कर रहे हो भाई बहुत हो गया जाओ तो आप ऐसे ही रखते हो हाँ तो ये मेरे मन में ऐसा है कि किसी का एक प्रकार के three d one way में है मतलब बहुत minority आप लेकिन आप मानते हैं मैंने आपको observe किया कि आप घड़ी उलटी पहनते हो मैं देखा था कहीं देखा क्या आप घड़ी उलटी पहन के नहीं देगा modi जी मैं आपसे ये जानना चाहूँगा कि ये जो social media का आज कल तो पूरा ज़माना है and मैंने देखा है कि आप काफी active रहते है लेकिन ah जो आपको लोग प्रश्न पूछते है या लोग आपसे बात करते हैं तो आप खुद देखते हो ah instagram ये सारी चीजें आप देखते हो sir मैं जरूर देखता हूँ और एक प्रकार से उससे मुझे बाहर की बहुत प्रकार की जानकारियाँ मिलती जी और मैं आपका भी twitter देखता हूँ और twinkle khanna जी का भी twitter देखता हूँ और कभी कभी मुझे लगता है कि वो जो मेरे पर गुस्सा निकालती है twitter पे तो उसके कारण आपके पारिवारिक जीवन में बड़ी शांति रहती होगी पूरा गुस्सा मेरे पर निकल जाता होगा इसलिए आपको बड़ा बड़ा हराम है तो सुकून मिलता होगा तो वह आपके लिए इस प्रकार से काम आया हूँ खास करके twitter जी के लिए और शायद twinkle को पता नहीं होगा उनके दाना जी चुने chunu भाई chunni tiwari उनसे मिला था अच्छा ये तो बहुत पहले ही बहुत है और कारण क्या था ये बड़ा interesting है जी gujarat में एक बहुत बड़ा अकाल पड़ा था तो हम लोग पूछे कोई सामाजिक काम करते थे उसमें हम लोगों को ये button मिलके केंद्र चलाते थे छाछ पीने के लिए गर्मी में लोगों को हाँ butter मिल तो वो मूल surya nagar जिले में हम बहुत बड़ी मात्रा में करते थे तो उसे कार्यक्रम में mumbai में एक सज्जन थे मिठाई के बहुत बड़े व्यापारी थे नाम तो मैं भूल गया वो उनको लाए थे उन्होने donation भी दिया था और हमने ऐसे छाछ केंद्र चालू दलित है butter मिलके okay बहुत बड़ी मात्रा में जैसे पानी की पर्व रहती हैं बिजली छाछ की पर रहती थी और हर गरीब व्यक्ति वो तो उस समय मैं उस सेवा के काम में लगा था और उस समय इनके नाना जी वहाँ आए थे तो उस समय मेरी उनसे मुलाकात हुई काफी बातें हुई थी उनके साथ जरा उस प्रकार से उनसे परिचय रहा है तो आप मतलब खुद भी पढ़ते हो और लोगों को welcome मैं पढ़ता भी हो और मजा लेता आपको वैसे मैं ah जब आप अपने ऊपर कोई memes बने हुए देखते हो जो social media पे memes आते हैं तो वो mim देके आपको हसी आती है जैसे आपने कहा गुस्सा गुस्सा तो आता नहीं ज्यादा करके लेकिन वो जो means आप देखते हो तो आपको कैसा लगता है जैसे देखो मैं कुछ चार पाँच bhim लेके आया हूँ ये देखिए ये लिखा है district seller can give nation unity equality safety prosperity तो ये एक है इसमें लिखा हुआ है के बिना ढोकला है बेकार अबकी बार modi सरकार ये देखिए हमारे मेरे सारे fraternity के लोग आए थे आपसे विवेक तो सबके यहाँ लगा दी है sir ये आपने देखा ये मैंने दे दिए गए आज देख रहा हूँ तो ये rohit shetty जो है ये action director हैं बीस narendra modi जी और अगले दिन आपको ऐसा इतना असर पड़ा सीधा motorcycle लिया हमने निकल पड़े तो ये bhim देख के आपको कैसा लगता है मैं enjoy करता हूँ मैं उसमें modi को कम देखता हूँ creativity को ज्यादा देखता हूँ तो मुझे उस creativity के प्रति यानी मेरा गोर भी विरोध होगा ये बड़ा मजा आता क्या बड़े सटीक तरीके से कहा उसका मतलब बहुत अच्छी creativity उनकी है मतलब क्या सोचते हैं ये लोग और और यूँ झटके में सोचना हाँ friction of second जी मैं आपको बताऊ आप और मैं भी बात कर रहे हैं जब आप media का ये सबसे बड़ा मैंने फिर मुझे ये है कि मुझे common man की जो sense है हाँ उसकी जो creativity है उसका analysis है ये समझने में बड़ा बनना क्या होता है ये बनी बनाई लोगों की जो परोसी हुई चीज होती थी जी five star four जैसा होता था वो ये ये एक प्रकार से footpath पर का जो ah चने चबाने और पकोड़ा होता है वैसा social media का material होता है finish नहीं होता लेकिन उसमें से आपको सच्चाई हाथ लग जाती है मैं तो ये wait कर रहा हूँ जब ये आएगा तो इसके ऊपर भी बड़े means बनेंगे हाँ इसके ऊपर भी बड़े viewers बनेंगे आप तो कहते यार मैं मैं मुझे मेरे लिए पहली बार होगा ये मतलब कुछ लोग होते हैं intention से आपको चूहे इसलिए करते हैं जी जान बूझ कर के उस समय आपने अपने आप को संतुलित रखने से उसके सारे इरादे fail हो जाते है और वो उसको उसकी नींद हराम कर देते हैं अगर आप उसको react करते हैं respond करते हैं तो तो मजा आ जाता है लेकिन देखा छोड़ दिया तो उसकी नींद खराब है मैंने इतनी मेहनत की इतना modi जी की बाल नोचने वाली चीज की modi की कोई हो ही नहीं रहा है तो वो परेशान हो जाता कहाँ फिर वो अपना बंद भी कर देता है थोड़ी देर बाद ये भी बात सही है बस sir आपसे बात करके मुझे बहुत बहुत मज़ा आता है आपसे मैं दो तीन बार पहले भी मिल चूका हूँ और आज मुझे मौका मिला है आपसे वार्तालाप करने का आपसे बातचीत करने का बहुत अच्छा लगता है as a as a human being and not as a prime minister has a human being you are lovely personally your person ah जिन्हे जिसने ज़िंदगी में सब कुछ देखा है झेला है ah पाया है और खोया भी है और sacrifice आपकी ज़िंदगी के मैं ये मेरा analysis है जो मैं आपसे भी बात करके मेरा ये मेरा analysis है कि आपके आपकी ज़िंदगी के आपने बहुत sacrifices भी क्या किए है तो we are glad i'm glad that मुझे ये मौका मिला है आपसे बातचीत करने का क्या आप monthly आपकी जो salary में से कुछ आप अपनी माँ माता जी को भेजते हैं ऐसा है कि हमारी माता जी खुद मुझे देती है आज भी अच्छा वो भी आज भी ये दिन जब भी मैं ले जाऊँगा सवा रुपिया वो पक्का मेरे हाथ में देती है हाँ जी अच्छा और वो हमसे कभी अपेक्षा नहीं करती अभी आप अच्छा नहीं करते उनको जरुरत भी नहीं है दूसरा शायद मैं एक ऐसा मुख्यमंत्री भी रहा और एक साहब प्रधान मंत्री रहा हूँ मेरे परिवार का कोई खर्चा सरकार को नहीं वरना बाकियों को परिवार का medical help मिलता है सब मेरे परिवार कुछ लेता नहीं कुछ नहीं देता मेरी हाँ जी बात है बिलकुल बिलकुल तो ये एक प्रकार से लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि कोई माँ के प्रति लगाव नहीं ऐसा नहीं है लेकिन जीवन ऐसा बन गया है कि मैंने अपने आप परिवार पूरा देश को अपना परिवार बना लिया है इसी में लगा रहता यही काम करता रहता हूँ मुझे मैं ये जानना चाहूँगा कि आपको मतलब बचपन में ऐसा कौन सा खेल था जो आप खेलते थे मैं बचपन में संघ की शाखाओं में जाता था अच्छा संघ की शाखाओं में बड़े अच्छे वैज्ञानिक खेल होते अच्छा बड़े वैज्ञानिक जिसमें team spirit आए जिसमें जैसे एक एक खेल होता है ये सब सरकार में बैठते है फिर जो हमारा leader होता है वो पूछता है कि आपके right side पर जो बैठा है उसकी एक quality बताओ okay अब है तो खेल लेकिन आपको उसके कारण consciousness आता है यहाँ पे दूसरे के गुणों को देखना चाहिए अब खेलते खेलते ही development होता है इंसान का और इसलिए बचपन में संगति शाखाओं में खेलों के द्वारा team spirit क्या होती है responsibility share करना क्या होता है ये खेल है संघ बढ़िया खेल है परंपरागत के लिए कोई संघटनों ने ढूंढे ऐसा मैं नहीं कह रहा ये बहुत बहुत काम आते है दूसरा मैं yoga से ज्यादा जुड़ गया physical activity group में कहे तो लेकिन मैं individual came के बजाए group वाले खेल को हमेशा पसंद करता रहा क्योंकि वो एक प्रकार से आपके व्यक्तित्व को अलग से develop करते जो individual होता है वो आपको एक अलग प्रकार का development करता है वो गलत करता है ऐसा मैं नहीं कह रहा हूँ नहीं अलग भगा team के अंदर खेलने से अलग प्रकार को तो आपको adjust करना पड़ता है आपको साथ चलना पड़ता है आपको किसी की leadership करनी होती है आपको subodh को संभालना होता है तो जिंदगी जीने के लिए group वाले games खेलने चाहिए okay individual कितना ही हम बड़े चल जाए लेकिन group वाले खेल जरूर खेलना चाहिए ये मेरा मत रहता है मुझे आपने कभी गुल्ली डंडा खेले बिलकुल खेलता था हाँ हमारे यहाँ गाँव में दे दे हाँ लेकिन ज्यादातर मैं ah तैरने के लिए चला जाता था मुझे पानी पसंद था अच्छा तो कहने के लिए चला जाता था दो कारण से एक तो मेरे परिवार के सारे कपड़े बेहद होता था परिवार के सभी सदस्यों के अच्छा तो तालाब में ही पानी था तो हम तालाब में चले जाते थे तो उसके कारण स्वाभाविक मेरा shami सीख गया तो मैं बहुत घंटों तक screening कर लेता था हाँ तो मेरे शरीर के जो अगर मूलभूत कहेंगे development body body development को कहे वो शायद swimming हुआ है वो गाँव वाला swimming yogi जी समझ गए थे गाँव में तालाबों में नया रो गई तालाब हो गया वहाँ उसी मुझे अभी याद है जी आप का मैंने एक united nation में एक पहली जो speech देखी थी आपकी ah i think दो हज़ार चौदह में दी थी मैं प्रधानमंत्री बना और सितंबर में गया था star september में गए थे तो आपने जब मामले इतने सारे speeches दिए है हिंदुस्तान में तो वो आपका पहला speech था जो world wide पूरी दुनिया तो वही loves क्या मेरे प्रधानमंत्री narendra modi जी नमस्ते उस दिन मेरा problem over अच्छा उल्टा उल्टा था और हुआ क्या कि मैंने मन में सोचा था कि मेरा framework रहेगा बोलने का जब जहाज में यहाँ से जा रहा था हमारे अफसरों ने मुझे briefing भी किया था जब मैं america पहुँचा तो हमारी foreign minister sushma जी उनकी meeting ज़्यादा होती थी तो उनको पहले जाना पड़ता है hmm तो पहले गई हुई थी तो पहुँचने के बाद ही मेरा कोई दूसरे दिन कार्यक्रम था तो मेरा nature है मैं hotel से उतरता हूँ पहले meeting भी कर लेता हूँ तो briefing के लिए सब बैठे थे तो उसमें देना पूछा गया साहब आपका बैठा कर लेंगे क्या है तो वो अड़ गयी उन्होंने बड़ा आग्रह नहीं बोले साहब ऐसा नहीं चल सकता अच्छा आप सब लोग बोल नहीं पाते थे मुझसे किसी ने मुझे कहा भी नहीं था यहाँ extreme को भाषण नहीं करना चाहिए बोले लिखे speech होना चाहिए कभी मैं तो ना तो किसी को लिखने के लिए कहा है ना मैंने लिखा है तो हर जगह वैसे ही करता हूँ चार काफी दिन हमारी आधा घंटा तक बहस होती रही लेकिन बिलकुल पकड़कर करने साहब इसमें आपकी नहीं चलेगी आपको मानना पड़ेगा करेंगे मैंने कहा मैं अपना बता देता हूँ मुझे क्या बोलना है तो मैंने वहीं पर उद्यम है मगर इसके आधार पर आप बना दीजिए फिर वो speech तैयार हुई अब मुझे speech problem नहीं था पढ़ना ये problem था मतलब पढ़ना यानी कि यानी पढ़ करके बोलना दो महीने कभी आपको देखा मुझे बहुत दिक्कत होती है जी बहुत दिक्कत होती हैं मेरे बिना मेरे thought process इतना तेज रहता है तो मेरा पहला भाषण जो है हाँ वो छोड़ करके मैं किया यानी चीनी पढ़ रहा हूँ मैं आपने देखा होगा मेरे हाथ में हाँ कागज है तो ये अच्छा सबसे पहले मुझे nepal प्रधानमंत्री बनने के बाद तो हाँ अभी मैं extreme को बोल दिया था और वो भाषण आज भी मशहूर है जी आज भी मशहूर है भाषा nepal में पहला भाषण था तो exempt वाला भाषण आपका हमेशा मैं मैंने कभी जैसे देखा नहीं आप मेरे लिए मेरे लिए फिर वो ये इस प्रकार की जो meeting होती है उसमे बहुत हो गया बाद में मुझे भी ध्यान में आ गयी ये देश का मसला होता है कोई दर्द और शब्द ना चला जाए तो फिर मैंने मुझे उस discipline को follow करना चाहिए लेकिन मेरे पहले मेरा अनुभव ये फिल्में देखते अभी नहीं देख पाता हूँ last film कौन सी degree के मेरे गाँव में एक theater था जी और मेरा एक दोस्त था दस लाख करके उसके पिताजी theater के बाद singh चना बेचते थे अच्छा और हम गाँव वाले उनको laxman by theater वाला बोलते थे वो बेचते थे तो चना से तो उनसे हमारा परिचय था तो हम वहाँ जाके बैठते थे और अगर theater में दर्शक कम है और जगह बची है तो फिर वो theatre के बारी बैठते थे तो मालिक को कह देते कि इन बच्चों को बिठा दो ना तो फिर वो मुकदमें हमको theatre में जाने मौका मिल जाता था हाँ और laxman brijesh singh चना बेचते थे उनके कारण तो मैं और हमारा वो दोस्त है dashrath तो हम दोनों जा के बैठ के movie देखते थे तो बचपन में movie देखने का यही एक हमारा तरीका था बाद में तो जिंदगी ऐसी बन गयी तो कोई मौका नहीं मिलता लेकिन शायद एक ah amitabh bachchan जी आए थे जब मैं cm था उनका बड़ा आग्रह था एक पाक film शायद जी दिल तो देखने के लिए उनके साथ में चला गया था एक बार anupam जी आए थे उन्होंने terrorism करके बनाई थी cm terrorism को ले करके एक film बनाई थी builders place है हाँ मैंने उससे कहा तो वो मैं उनके साथ देखने चला गया तो ऐसा कुछ हुआ है लेकिन वो भी ज्यादा pm बन के बिलकुल भी नहीं बिलकुल नहीं कर पाए अब आपने देखा कि मैंने मैंने एक film बनाई थी आपको मैंने हल्का सा कुछ बताया भी था पहले कि toilet एक प्रेम का था ah पे film बनाई थी और मैंने मैं खुद देख नहीं पाए लेकिन मैंने उन लोगों को बहुत कहा कि देखो भाई सामाजिक जीवन पर कैसे film में चल सकती है और बन सकती है अब वो commercial हिसाब से मैंने पूरे बनाए थे बल्कि गाने वाने वगैरा ये माँ पिता सब कुछ उसमें रखा हुआ था और ये message social messaging था वो अच्छा था हाँ तो लेकिन खैर वो तो मैंने real life में किया था लेकिन आपने real life में करीबन ah नौ करोड़ से भी ज़्यादा toilets बनाए है तो ये तो मतलब ये मतलब ऐसा कैसा जैसे कि आपने जैसे ही आप ah prime minister बने तो सबसे पहले आपने स्वच्छता के ऊपर बात के toilets के ऊपर बात की तो आपको वो डर नहीं लगा कि आप पहली बार मतलब आप prime minister बन रहे है और सबसे पहला मतलब the first few मुद्दा जी इसी पे रखा हुआ है स्वच्छता पे रखा हुआ है स्वच्छता आपके लिए बहुत मायने रखती है मैं मेरे जीवन में मैंने gandhi जी वगैरह जो पड़ा है और कुल मिला के मैं देखता हूँ कि हमारे देश बीमारी गरीबी इन सब की चीजों के साथ health बड़ा सबसे बड़ा विषय है लेकिन preventive health के लिए दो चीजें मैं देखता हूँ एक स्वच्छता और एक fitness आप अपने शरीर को fit रख के तहत बनाइए तो बाकी आर्थिक रूप से बोझ बनता नहीं है जिंदगी उस प्रकार से जी personal hygiene में तो हमारे यहाँ शास्त्रों के कारण संस्कारों के कारण घर में आओ तो पैर धो करके आओ भाग दो मंदिर में जाते हो तो नहा करके जाओ सब बहुत सिखाया जाता है social आएगी इनके प्रति हम उदासीन रहे और भारत जैसा देश दुनिया में अगर इतना बड़ा दुनिया को देने के लिए tourism develop नहीं हो रहा है एक कारण है गंदगी जी वैसे भी किसी भी समाज के लिए शोभा नहीं देता है तो मेरे मन में एक बड़ी चीज़ है मैंने सोचा एक जन आंदोलन बना लेना चाह रहे देश को गर्व होना चाहिए हम लोगों को गर्व होना चाहिए कि हमारे देशवासियों ने इस कार्यक्रम को अपना बना लिया और ये नौ करोड़ toilet बन जाना दो हजार चौदह के पहले thirty eight percent rural sanitation था ninety eight percent हो गई जी मतलब देश तैयार था और मुझे खुशी है कि देश ने किया है मैं तो कौन होता हूँ करने वाला देश है जिसको उठा ली आप as a prime minister आप कभी chin एकदम आराम करते है मतलब कुछ आराम से बैठकर क्यों बैठे garden में सोच रहे हैं But does he could problem छत के नीचे नहीं हूँ सीधा asus mohan जो मेरा संपर्क होना चाहिए खुले में बैठा हूँ अकेला बैठा हूँ और वहाँ आराम से चाय पीता हूँ ये मुझे बहुत पसंद आता है वो जगह कौन सी है यहाँ यहाँ भी मैं कर लेता हूँ और मेरे office के उसमें भी कर लेता हूँ अच्छा लेकिन जो south block का office है वहाँ संभव नहीं है वहाँ पे एक दम से वो बंद कमरा है लेकिन ये मेरी पसंद की जब काम है दूसरा एक चीज मैंने बहुत की थी और जो जैसा आपने कहा retirement के बाद क्या करोगे तो उसका हमको ज्यादा करूँगा पहले मैं regular करता था मैं कभी दिवाली नहीं मानता था जी अच्छा नहीं मैं दिवाली में चार पाँच दिन कही चला जाता था और पाँच दिन के लिए मेरी जो requirement रहती थी पानी वगैरह वो साथ ले लेता था और वो भी मैं उठा के ले जाएँगे उतना ही और पहले research करके रखता था कहीं जंगलों में कोई जहाँ इंसान है वो मेरी जिंदगी में बहुत बड़ी ताकत देने वाली चीज है तो कई वर्षों तक अब नहीं कर पाता हूँ अब नहीं कर पाता हूँ अब तेरा क्या spg वगैरा ऐसा cover हो गया है अलग हो जाती है लेकिन बहुत सालों तक नहीं किया है और मैं से बहुत ताकत पड़ता था और जो विचारधाराएँ आने देता था किसी विचार को टिकट ना आए तो देखे कुछ लिखता भी नहीं था ऐसे ही रहता था तो यही मेरा एक तरीका रहता था आपके और मेरे में common यही है कि आप ah चाय बेचते थे और मैं जी better था दोनों के आप और मेरे में ये भी है कि दोनों की कोई god father नहीं थे हम अपनी ज़िंदगी अपने terms और conditions पे बनाई है बस तो ये ये रहा है jammu चाय बेचता था बहुत कुछ सीखने को मिला बहुत लोगों से मिलने का मौका मिलता था हर एक के स्वभाव को समझता था बिना कारण जो चाय पीने वाला है गुस्सा करता था गाड़ देता था तो इन चीजों को सीखने में बहुत काम आया लेकिन एक चीज मैंने बहुत मजेदार है भरी जिंदगी की मैं जब लोगों को hindi में बात करता हूँ तो बहुत surprise करते हो मुझे हमारे sikander pal साहब थे bjp के leader जी वो मुझे हमेशा कहा modi तो इतनी बड़ी hindi कैसे बोल लेता है तू तो बोले gujju है ये तेरा murar जी वो दोस्ताना है तो बहुत बढ़िया रुके थे बोले तेरा murari जी इतने साल तक यहाँ रहा लेकिन उसको hindi बोलना नहीं आता है ऐसा मुझे उसका कारण ये था कि मैं चाय बेचता मेरे गाँव में कि जो ट्रेनें तो बहुत कम आती थी लेकिन ये जो माल गाड़ी होती है जो married होती है वो ज्यादा आती थी और mumbai में जो भैंसों का तबेले रहते हैं उसके जो दूध बेचने वाले लोग हैं वो क्या करते हैं दूध जब वह देती है तब तक mumbai में रखते हैं बाद में वो गाँव में आके छोड़ देते हैं वो भैंसों को लाना ले जाना एक बड़ा कारोबार चलता था तो वो आते थे और वो बेचारे कहाँ स्वास्थ्य में रहते थे और भाषा को ले जाते थे एक व्यक्ति आएगा तो तीन चार दिन देना पड़ता था हम उनको उनको चाय चाहिए हम चाय देते थे उनसे बातें करते करते मैं hindi सिख गया अच्छा अच्छा फिर वो क्या करते थे अपना music की कुछ चीजें ले आते थे तो शाम को वो चौपाई हो पाई अपना भजन कीर्तन करते रहते हो तुम अभी जाके बैठ जाता था तो मुझे उसकी कारण north के culture से परिचय आया okay तो एक प्रकार से चाय ने मुझे ये language खादी तो अब ये जो song की बात आयी आप कभी कोई hindi गाना गुनगुनाते हो खेले गुण तो गुनगुनाना तो नहीं होता है लेकिन मैं जब छाता मन पे जो कुछ गीत है ज्योति कलश चलके या ये pawan bag से उड़ने वाले घोड़े ऐसे जो गीत है बहुत पुराने तो बहुत अच्छे लगते थे आज के गुणगान हाँ तो पता ही नहीं आज तो पता ही नहीं मुझे आपसे बात करके चलिए देश की ये लोगों के लिए काम आएगा कुछ बातें नहीं नहीं बहुत सारी चीजें हम आएँगे इसमें बहुत सारी चीजे मुझे अच्छा ही लगा कि ये चुनावी आपाधापी तू तू मैं मैं के बीच ये भी एक कुछ होता है तो जा पूछते है ना कैसे relax होते हो ये भी तरीका है relax तो प्रधानमंत्री को सुना आपने पूरा interview जिस पे हर एक पहलू पर बात की प्रधानमंत्री ने और सबसे महत्वपूर्ण बात जो उन्होंने कही कि मैं मुझ से मिलने जाता हूँ और ऐसे ही प्रधानमंत्री यानि narendra modi को आज इस interview में देश ने देखा जिनके जीवन के हर एक पहलू को नज़दीक से जानने का मौका मिला akshay kumar से बातचीत में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष को साझा किया उन्होंने बताया कि कैसे वो आराम से इतने खास हो गए कैसे एक प्रचारक से देश के प्रधानमंत्री बन गए साथ ही उन्होंने अपने परिवार को लेकर बातचीत की जिसको लेकर कभी वो बातचीत करते हुए नज़र नहीं आए भी उन्होंने किसी भी मंच से अपने परिवार को लेकर खुद के अनुभव को लेकर परिवार के साथ कभी ऐसी बातचीत नहीं की और साथ ही प्रधानमंत्री ने mamata banerjee की तारीफ की अपने इस interview में उन्होंने कहा कि mamata दीदी साल में एक दो कुर्ते भिजवाते है मुझे और कई बार भिजवाते है pm modi ने कहा है ये बात और उन्होंने ये भी कहा कि mamata दीदी कुत्तों को खुद select करते है मेरे लिए तो opposition party में आप के कोई दोस्त है बहुत बहुत है बहुत अच्छे से आप अभी भी उनके कभी चाय पीना बहुत अच्छे दोस्त हैं हम लोग साल में एक दो बार साथ खाना भी खाते हैं अच्छा हाँ अब बेकार वो formal होता है क्या हम तो camera में देख के हम media के media जो दिखाती है हम तो वही देखते हैं हम को तो पता ही है बहुत पहले की बात है तब तो मैं मुख्यमंत्री भी नहीं था किसी काम से मैं शायद parliament गया था और ghulam nabi azad और मैं बड़े दोस्ताना अंदाज में गप्पे मार रहे थे बाहर निकलते थे media वालों ने पूछा कह रहे आप आप लोग okay दोस्तों बाद में हूँ तुम तो बोले rss वाले हो एक लंबी से तुम्हारी दोस्ती कैसे हाँ तो फिर गुलाब ने बहुत अच्छा जवाब दिया हम दोनों खड़े थे उधर देखो भाई बाहर जो आप लोग सोचते हो ऐसा नहीं है शायद एक family के रूप में हम लोग जितने जुड़े हुए हैं सभी दल के लोग वो शायद बाहर कल्पना नहीं कर सकते आपको हैरानी होगी और बस अब मैं बोलूंगा तो चुनाव में मेरा नुकसान भी हो सकता है लेकिन ये mamata दीदी हाँ साल में आज भी मुझे एक दो कुर्ते को खुद select करने जाती है और मैंने एक दो कुर्ते व्यक्ति है अच्छा that is something very good to know about Observant I got could be a lot or Jim wishes wishes देखिए alauddin जरा मुझे मिल जाए और जमीन में उसके पास ताकत होगी जी तो मैं उनसे कहूँगा कि तुम जितने भी ये समाजशास्त्र ही है या जो educational list हो उनके दिमाग में भर दो के भावी पीढ़ी को ये alauddin चिराग वाली कथा सुनाना बंद करें कि ऐसा कोई alauddin होता है और वो इच्छा इच्छाएँ पूरी करता है मैंने कहा उसको मेहनत करना सिखाओ मैं कभी expect नहीं कर रहा था अब ये जवाब दे मुझे लगा आपको ये तीन wishes आप सोचोगे क्या है तीन wishes लेकिन ये एक बहुत ही सही तरीका है ah आलस बना जो होता है वो यही चीज़ों से आता है यार i wish मुझे ये मिल जाए बैठे बैठे मिल जाए तो ये जो आपने जो किया हुआ है ये जो कहा बिलकुल सही कहा हुआ है ये मुल्क तो बाहर से आयी हो चिंतन है जी मैंने रिश्वत नहीं किया है हाँ हमारे यहाँ मूल्य चिंतक ऐसे नहीं है मूल चिंतन kamariya परिश्रम का है जी हमारे यहाँ ये नहीं है कि भाई ऐसे कुछ आकर कोई दे देगा ऐसा नहीं है जी पड़ा है आप सन्यासी बनना चाहते थे या आप ah soldier या army में जाना चाहते थे ऐसा कुछ भी है ये सही है ये आपकी बात सही है बचपन में मेरा स्वभाव था किताबें पढ़ना library चला जाता था तो बड़े बड़े लोगों के जीवन पढ़ना ये शौक रहता था कभी फौज वाले uniform में निकलते थे तो मतलब बना देखता था कभी बच्चे की तरह खड़े हो करके salute कर देता था मन करता था इतने में nineteen sixty two का दौर हो गया तो हमारे यहाँ से दूर एक mehsana station है मेरे गाँव से तो वहाँ station पे हैं सब लोग जो फौज के लोग ट्रेनों में जाते थे उनका बड़ा सत्कार करते थे चाय वगैरह तो मैं भी चला जाता था तो जा करके मैं भी वो तो मुझे बड़ा मजा आता था तो मन पे हो गया जहाँ ये देश के लिए जीने मरने वाला रास्ता है तो दिशा में सोचता था इतने में एक बार मैंने कही पढ़ा कि gujarat में कोई सैनिक school है उसमें आप दाखिल हो सकते है तो हमने हमारे उस समय आज एक रुपया दो रूपए से उसका सारा जानकारियाँ मँगवाते थे अब हमें तो अंग्रेजी आती नहीं थी तो हमारे मोहल्ले में एक school के principal mister raj bihari maniya करके रहते थे तो मैं उनके पास चला गया मुझे कभी बड़े व्यक्ति से मिलने से कभी संकोच नहीं होता था ऐसे ही फिर चला गया मैं बाहर ये बात सही है कि भीतर मन में था तो मैं ram krishna mission में चला गया एक स्वामी आत्मा स्थान अंजीर हुआ करते थे अभी उनका करीब hundred उम्र में अभी स्वर्गवास हुआ तो मैं cm बना दो मेरे घर उनको फिर बुलाया मैंने प्रधानमंत्री बना तो उनके यहाँ चला जाता था अभी कलकत्ते में अस्पताल में तो दो तीन बार वो आया था मैं तो वो बहुत मुझे प्यार करते थे समझाते थे जिंदगी क्या है देखना क्या है ram krishna mission आज सबको समय रखते थे मुझे vivekanand जी जिस कमरे में रहते थे उसमें मुझे घंटो बैठने के लिए मौका देते थे हाँ तो ये सारे नए नए अनुभव होने लगे हालांकि दुनिया में चल पड़ा बहुत भटका बहुत कुछ घुमा दनिया देखी और ये सब अठारह बीस साल बाईस साल की उम्र में ही करता रहा मैं लेकिन कुछ confusion भी था कुछ इरादे भी थे कोई guidance भी नहीं मिल रहा था लेकिन मन में सवाल खुद पैदा करता था जब आप खुद घूमता रहता था ऐसे भटकता भटकना भटकता ही फस गया अब जैसे मैं जानता हूँ जैसे मैं आपके ah एक staff staff members से भी बात कर रहा था अब तीन या चार साढ़े तीन घंटे सोते मतलब सात घंटे तो सोना एक कामों में लेकर शरीर को चाहिए चाहिए आप साढ़े तीन घंटे ये बात ये बात आपकी सही है मेरे जो जितने मेरे साथी है ah मेरी जान वाले लोग हैं जहाँ हमारे जो अब सरकार में आया हो तो doctor भी रहते हैं उन सबका मेरे से एक ही आग्रह रहता है कि मेरी नींद में बढ़ाए राष्ट्रपति obama जब मुझे मिले तो वो भी सबसे पहले मेरे से इसी के उलझ गए मगर modi जी क्यों ऐसा करते हैं हम अब हम दोनों अच्छे दोस्त हैं जी तू तारीफ करके बुलाते है एक दूसरे को तू ऐसा क्यों करता है ये तुझे आज पता नहीं है ये तेरा नशा है काम का तुम करते रहोगे लेकिन तुमने बहुत तुम अपना नुकसान कर रहे हैं और वो जब भी मिलते हैं कि तुम मेरी बात मानते हो नहीं मानता कोई नींद बढ़ाई की नहीं बढ़ाई अब पता नहीं मेरा एक body cycle ऐसा हो गया है मतलब आपको नींद आती नहीं है साढ़े तीन चार घंटे के लिए नहीं नींद जो है मेरी इतने कम समय में पूरी हो जाती है stress की वजह से तो आप उठ नहीं जाते हो कि मुझे कहा नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं मैं इतना इतना normally देखा है आपने कोई भी व्यक्ति उठता है तो हाथ पैर इधर उधर करता है आँखे ऐसे करता है मेरा कुछ नहीं आँख खुलती है fraction of second मेरा पैर जमीन पे होता है लोग जाता हूँ इसलिए उठता मैंने बिस्तर पे उठता वैसा नहीं बिस्तर से भी बाहर होता हूँ मैं अब ये हो सकता है वो मेरी जो अठारह बाईस साल के कालखंड में जिंदगी को मैं जी रहा था उसमें शायद ये develop हुआ है अब वो मेरा मेरे मेरे शरीर का वो हिस्सा बन गया है तो लेकिन मैं जैसा आपने कहा retired होने के बाद क्या करोगे तो पहला काम मैं नींद कैसे बढ़ाऊ इसपर सोचूँगा तो प्रधानमंत्री ने अपने जीवन की वो बातें साझा की है जो इससे पहले आपने कभी नहीं सुनी होंगी एक छोटा सा break ले रहे है लेकिन break के बाद भी आपको ये बताएँगे कि आखिर प्रधानमंत्री narendra modi उलटी घड़ी क्यों पहनते हैं तो आप बने रहिए हमारे साथ

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